Friday, April 10, 2015

जीवन के किसी


http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इंसान सबक ले ले तो वह ठोकर ठोकर नहीं होती। वह तो आपके लिए एक सीख बन जाती है।

Sunday, April 5, 2015

जिसके पास धैर्य



जिसके पास धैर्य है वह जो कुछ इच्छा करता है उसे प्राप्त कर सकता है। धैर्य कडवा होता है पर उसका फ़ल मीठा होता है। संकट के समय धैर्य धारण करना ही मानो आधी लड़ाई जीत लेना है।

Saturday, April 4, 2015

Fwd: [FIND DIFFERENT PRODUCTS] जब आपके पास


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2015-04-04 10:00 GMT+05:30
Subject: [FIND DIFFERENT PRODUCTS] जब आपके पास
To: mggarga1@gmail.com


http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जब आपके पास सही विचार हैं, तो सही शक्ति है और सही शक्ति है तो पूर्ण सफ़लता है। जिनके पास बैठने से विचारों की महान पावर मिलती हो उनके पास बैठें। विचारों से मिलता है, दृष्टिकोण । जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी उसकी उपलब्धियाँ होती हैं ।


--
Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to FIND DIFFERENT PRODUCTS at 4/04/2015 10:00:00 AM

जब आपके पास

http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जब आपके पास सही विचार हैं, तो सही शक्ति है और सही शक्ति है तो पूर्ण सफ़लता है। जिनके पास बैठने से विचारों की महान पावर मिलती हो उनके पास बैठें। विचारों से मिलता है, दृष्टिकोण । जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी उसकी उपलब्धियाँ होती हैं ।

Friday, April 3, 2015

हर दिन

Visit Daily BLOGS For MORE POSTINGS
http://jiggyaasa.blogspot.in/
http://adhyatmik.blogspot.in/
http://rajmgarg.blogspot.in/
http://guruvatikasechunephool.blogspot.in/
http://wwwmggsantvani.blogspot.in/
http://ammritvanni.blogspot.in/
http://guruvanni.blogspot.in/
http://mggarga.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


हर दिन नया उपहार लेकर आता हैद्वार पर ठहरता है और प्रतीक्षा करनेके बाद चला जाता है अगर सके स्वागत के लिए तुम 
तैयार हो  तो वह उपहार प्रदान करता है
नहीं तो बहूमूल्य उपहार वापिस ले कर चलाजाता है !

Thursday, April 2, 2015

सद्ग्रन्थ इसलिए नहीं होते कि इनके ऊपर एक सुन्दर-सा रेशम का कपड़ा ढ़ककर केवल इनके आगे हाथ जोड़ लिए जाएं, बल्कि इनके भीतर जो शब्द हैं अगर वे आपके मस्तिष्क में स्थापित हो गए तो वे आपको इस तरह महकाएँगे जैसे किसी किताब के अंदर रखे सुगंधित फूल कुछ दिनों बाद पन्ने पलटने पर खुशबू देते हैं।