Saturday, May 9, 2015

यह सत्संग




यह सत्संग की नैय्या प्रभु ने बनाई , यहाँ बैठकर पार हो जाओ भाई"

Friday, May 8, 2015

प्रेम से प्रभु



काम करते चलो नाम जपते चलो

हर समय शिव का ध्यान धरते चलो

नाम धन का खज़ाना बढ़ाते चलो

प्रेम से प्रभु को रिझाते चलो

अपने मन को सुमार्ग पर चलाते चलो।


Wednesday, May 6, 2015

उत्तम आचरण,




उत्तम आचरण, उत्तम गुण, ह्रदय के उत्तम भाव, इश्वर की भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार और धर्मं का पालन करना- अमृत पान के सामान है और यह अमृत मिलता है सत्संग के माध्यम से।

Monday, May 4, 2015

दूसरों के दोष

http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज



दूसरों के दोष ढूंढने में अपनी शक्ति का अपव्यय मत करो। अपने आप को ऊँचा उठाने का हर सम्भव प्रयास जारी रखो, उसे कम न होने दो।

 

हर किसी में अच्छाई को ढूंढो, उससे कुछ सीखकर अपना ज्ञान और अनुभव बढाओ। इससे तुम बहुत जल्दी ऊँचाई तक पहुँच सकते हो।

Saturday, May 2, 2015

Fwd: [IDHAR UDHAR KEE] Fwd: [AMRIT VANI ] 5/01/2015 05:19:00 pm







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Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 5/01/2015 05:19:00 pm को पोस्ट किया गया



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Posted By Madan Gopal Garga LM VJM to IDHAR UDHAR KEE at 5/01/2015 05:21:00 PM

Friday, May 1, 2015

Fwd: [AMRIT VANI ] 5/01/2015 05:19:00 pm


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2015-05-01 17:19 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] 5/01/2015 05:19:00 pm
To: mggarga@gmail.com





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Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 5/01/2015 05:19:00 pm को पोस्ट किया गया