जिज्ञासु :पूज्यगुरुदेव : गीता में भगवानश्री कृष्ण ने कहा हे "अवश्यमेव भोक्तातव्यं कृत शुभाशुभं " अर्थात जब किये हुए कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है तो फिर इसमें गुरु का क्या महत्त्व है
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
कभी कभी विपरीत स्थिति में भी मुस्कराने का प्रयास करो, यह सोचो कि उसमें भीकुछ भला ही होगा।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज